प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर मची हाहाकार,महंगाई भत्ता फ्रीज करने व सभी सब्सिडी बंद करने की आई नौबत
केंद्रीय बजट में राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और गड़बड़ा गई है। राज्य सरकार कर्मचारियों व पेंशनरों को नए वेतनमान का एरियर देने की स्थिति में नहीं
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 09-02-2026
केंद्रीय बजट में राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और गड़बड़ा गई है। राज्य सरकार कर्मचारियों व पेंशनरों को नए वेतनमान का एरियर देने की स्थिति में नहीं है। महंगाई भत्ता फ्रीज करने व सभी सब्सिडी बंद करने की नौबत आ गई है।
प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की ओर से रविवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल, कांग्रेस विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के समक्ष दी प्रस्तुति में यह खुलासा हुआ है।
प्रदेश की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए वित्त विभाग ने ओल्ड पेंशन स्कीम बंद कर दोबारा एनपीएस या यूपीएस अपनाने और पद खत्म कर नई भर्ती न करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि सभी सब्सिडी बंद करनी होंगी। चिंता जताई कि आरडीजी बंद होने से आर्थिक प्रबंधन मुश्किल होगा।
राज्य बड़ी विपत्ति में जाने वाला है। सरकार कर्मियों के लिए अगले वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की स्थिति में नहीं होगी। हिमकेयर और सहारा योजनाओं की 400 करोड़ की देनदारी देना मुश्किल है।
मुफ्त बिजली बंद करने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश बिजली बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने जैसे उपाय करने पड़ेंगे। बोर्डों और निगमों की ग्रांट रोक कर इन्हें मर्ज करने के साथ मौजूदा कर्मियों का युक्तिकरण करना होगा।
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