जनगणना में हाटी समुदाय स्वयं को अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवाए: केंद्रीय हाटी समिति

केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र तथा इसकी सभी इकाइयों ने गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी हाटी समुदाय से अपील की है कि जनगणना के प्रथम चरण में मकानों के सूचीकरण के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न “यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य है?” के उत्तर में स्वयं को अनुसूचित जनजाति (ST) के रूप में दर्ज करवाएं।

Jun 6, 2026 - 17:31
 0  22
जनगणना में हाटी समुदाय स्वयं को अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवाए: केंद्रीय हाटी समिति

यंगवार्ता न्यूज पांवटा साहिब 6 जून, 2026 : 

 केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र तथा इसकी सभी इकाइयों ने गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी हाटी समुदाय से अपील की है कि जनगणना के प्रथम चरण में मकानों के सूचीकरण के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न “यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य है?” के उत्तर में स्वयं को अनुसूचित जनजाति (ST) के रूप में दर्ज करवाएं।

समिति ने कहा कि हाटी समुदाय के जो लोग रोजगार, व्यवसाय या अन्य कारणों से गिरिपार क्षेत्र से बाहर रह रहे हैं अथवा स्वगणना (Self Enumeration) कर रहे हैं, वे भी गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी होने के नाते अपने को अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज करवाएं।

समिति के अनुसार, गिरिपार क्षेत्र में अनुसूचित जाति को छोड़कर सभी मूल निवासी हाटी समुदाय को जनजाति का संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार प्राप्त है। साथ ही, महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त, भारत सरकार के Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल में भी हाटी समुदाय का उल्लेख हिमाचल प्रदेश की 11 अनुसूचित जनजातियों में किया गया है।

केंद्रीय हाटी समिति ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के कारण हाटी समुदाय के लोगों के व्यक्तिगत ST प्रमाण पत्र बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, लेकिन इससे समुदाय को प्राप्त संवैधानिक जनजातीय दर्जे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

समिति ने कहा कि जनगणना प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित होती है और भविष्य की पंचवर्षीय योजनाओं तथा ट्राइबल सब प्लान के निर्धारण में इसके आंकड़ों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसलिए इस प्रक्रिया में सही जानकारी दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है।

समिति ने यह भी बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में जातिगत एवं व्यक्तिगत गणना होगी। उस समय भी प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र की जनता के संपर्क में रहेगी और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

अंत में केंद्रीय हाटी समिति ने सभी हाटी समुदाय के लोगों से जनगणना के इस अवसर को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वयं भी अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकरण कराने और अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow