प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए तत्परता से कार्य कर रही वर्तमान सरकार
कांगड़ा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वर्तमान सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान तैयार करने के सीएम के विजन पर कांगड़ा जिला के लिए पहले चरण में आठ डे-बोर्डिंग स्कूल स्वीकृत किए गए

यंगवार्ता न्यूज़ - धर्मशाला 12-04-2025
कांगड़ा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वर्तमान सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान तैयार करने के सीएम के विजन पर कांगड़ा जिला के लिए पहले चरण में आठ डे-बोर्डिंग स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से छह डे-बोर्डिंग स्कूल की आधाशिला रखी जा चुकी है, जबकि दो स्कूलों में कार्य आरंभ भी हो चुका है।
इसके अतिरिक्त शाहपुर के रैत तथा जसवां परागपुर में भी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलना प्रस्तावित है। शिक्षा विभाग के मुताबिक जवाली के ठंगड़, जयसिंहपुर के सोलबनेड़, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगबां के रणहूं, फतेहपुर के मंझार, ज्वालामुखी के लाहड़ू में बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला रखी जा चुकी है, जबकि पालमपुर तथा ज्वालामुखी में इस दिशा में कार्य भी आरंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की घोषणा की है। इसे लेकर पहले चरण में प्रदेश में 15 विधानसभा क्षेत्रों में ये स्कूल बनाने को मंजूरी दी गई थी। वहीं विधायक आशीष बुटेल, विधायक संजय रत्न ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताते हुए कहा कि हिमाचल का भविष्य शिक्षा से ही उज्ज्वल होगा।
इसके लिए प्रदेश में खोले जा रहे राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल महत्त्वपूर्ण होंगे तथा राज्य को ज्ञान पटल पर नए आयाम के साथ स्थापित करेंगे। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा के लिए जो घोषणाएं की हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता पर किया जा रहा है। कांगड़ा जिला प्रशासन की तेज रफ्तारी से डे-बोर्डिंग स्कूलों के लिए लैंड ट्रांसफर में सबसे आगे रहा है।
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