100 दिन नहीं, अब 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी; 90:10 फंडिंग से हिमाचल को मिलेगा सीधा लाभ : कश्यप

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित वीबी–जी राम जी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को लेकर कांग्रेस जिस प्रकार से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भ्रम फैला रही

Jan 11, 2026 - 15:07
 0  24
100 दिन नहीं, अब 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी; 90:10 फंडिंग से हिमाचल को मिलेगा सीधा लाभ : कश्यप
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

कांग्रेस भ्रम फैला रही है, वीबी–जी राम जी हिमाचल के गांवों के लिए वरदान: सुरेश कश्यप

यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन   11-01-2026

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित वीबी–जी राम जी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को लेकर कांग्रेस जिस प्रकार से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भ्रम फैला रही है, वह उसकी ग्रामीण विरोधी और विकास विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। 

कांग्रेस तथ्यों से भागकर झूठे आरोपों के सहारे इस ऐतिहासिक सुधार का विरोध कर रही है। सुरेश कश्यप ने कहा कि आज़ादी के बाद गरीबों और मजदूरों को रोजगार व आजीविका देने के लिए समय–समय पर अनेक योजनाएं आईं—काम के बदले रोजगार, जवाहर रोजगार योजना, नरेगा और मनरेगा। 

2005 में शुरू हुई नरेगा (2009 में मनरेगा) ने शुरुआत में अपेक्षित परिणाम दिए, लेकिन समय के साथ इसमें फर्जी मस्टर रोल, फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी, ठेकेदारी प्रथा और स्थायी परिसंपत्तियों के अभाव जैसी गंभीर कमियां आ गईं। रोजगार के साथ विकास का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ा।

उन्होंने आंकड़ों के साथ कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि 2006–2014 (यूपीए काल) में जहां 1660 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए और ₹2.13 लाख करोड़ खर्च हुए, वहीं 2014–2025 (एनडीए काल) में 3210 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए और ₹8.53 लाख करोड़ से अधिक खर्च किया गया। पूर्ण कार्यों की संख्या यूपीए में 153 लाख जबकि एनडीए में 862 लाख रही। 

व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का निर्माण यूपीए में 17.6% था, जो एनडीए में बढ़कर 62.95% हुआ। आधार सीडिंग यूपीए में सीमित थी, जबकि एनडीए में यह व्यापक हुई और सीधा लाभ अंतरण (DBT) से मजदूरी सीधे खातों में पहुंची।

कश्यप ने कहा कि वीबी–जी राम जी अधिनियम हिमाचल जैसे हिमालयी/विशेष श्रेणी राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जहां पहले 75% केंद्रीय अंशदान था, अब 90:10 फंडिंग पैटर्न सुनिश्चित किया गया है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें, जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियां तेजी से बनेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का यह दावा झूठा है कि रोजगार की गारंटी खत्म की गई है। 

सच्चाई यह है कि 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है और यह कानूनी गारंटी है। योजना डिमांड-ड्रिवन ही रहेगी। यदि समय पर काम या भुगतान नहीं मिलता, तो बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान यथावत और समयबद्ध है।

सांसद ने कहा कि वीबी–जी राम जी में जियो-टैगिंग, GPS मैपिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित सोशल ऑडिट को अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी मस्टर रोल, डुप्लीकेसी कार्य और घोटालों पर पूर्ण विराम लगेगा। योजनाएं ग्राम सभा से ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक समन्वयित होंगी, जिससे काम स्थायी और परिणामोन्मुख होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है ताकि स्किलिंग, ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम का प्रभावी उपयोग हो सके—जो पहले संभव नहीं था। कृषि मौसम के दौरान 60 दिन के विराम का निर्धारण राज्य सरकारें करेंगी; इससे 125 दिन की मजदूरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हिमाचल की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए यह लचीलापन राज्यों के हित में है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नाम बदलने का रोना रो रही है, जबकि इतिहास गवाह है कि उसने स्वयं नरेगा को मनरेगा किया था। महात्मा गांधी देश की आत्मा हैं—उनके सम्मान पर कोई प्रश्न नहीं। असली मुद्दा नाम नहीं, परिणाम, पारदर्शिता और विकास है। वीबी–जी राम जी में मनरेगा की कमियों को दूर कर ग्रामीण रोजगार को विकास से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में यह अधिनियम मील का पत्थर है। हिमाचल के गांवों में स्थायी संरचनाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, जल संरक्षण और स्थिर आजीविका सुनिश्चित होगी। कांग्रेस को राजनीति छोड़कर हिमाचल के हित में इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करना चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow