प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में निलंबित आठ जेबीटी शिक्षक चार्जशीट 

हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में निलंबित आठ जेबीटी शिक्षक चार्जशीट कर दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने चार्जशीट करने के बाद बुधवार को मेमोरेंडम जारी कर शिक्षकों से दस दिनों के भीतर उनका पक्ष मांगा

Jun 26, 2025 - 12:52
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प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में निलंबित आठ जेबीटी शिक्षक चार्जशीट 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    26-06-2025

हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में निलंबित आठ जेबीटी शिक्षक चार्जशीट कर दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने चार्जशीट करने के बाद बुधवार को मेमोरेंडम जारी कर शिक्षकों से दस दिनों के भीतर उनका पक्ष मांगा है। असंतोषजनक जवाब प्राप्त होने पर शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच होगी। 

शिमला के चौड़ा मैदान में शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के खिलाफ जेबीटी शिक्षक संघ ने प्रदर्शन किया था। शिक्षा सचिव ने प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए थे। आदेशों की अवहेलना होने पर आठ शिक्षकों को निलंबित किया गया। बिना मंजूरी हुए प्रदर्शन के दौरान सरकार और उच्च अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पिणयां करने के शिक्षक संघ पदाधिकारियों पर आरोप हैं। 

शिक्षकों का क्रमिक अनशन करीब सवा माह तक स्कूल शिक्षा निदेशालय के परिसर में चला था। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्वयं मौके पर जाकर अनशन समाप्त करवाया था। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी मेमोरेंडम में कहा गया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम 18 के तहत आठ निलंबित सरकारी शिक्षकों के खिलाफ सामान्य अनुशासनात्मक कार्रवाही शुरू की है। 

बीते दिनों इन शिक्षकों को निलंबित किया गया था। इनका मुख्यालय उनकी पिछली तैनाती के  स्थान पर निर्धारित किया गया है। शिक्षकों को 10 दिनों के भीतर अपना लिखित बचाव प्रस्तुत करने तथा यह बताने का निर्देश दिया गया है कि क्या वे व्यक्तिगत रूप से सुनवाई चाहते हैं। जांच केवल उन आरोपों तक सीमित होगी जिन्हें कर्मचारियों की ओर से स्वीकार नहीं किया गया है। 

अनुपालन न करने की स्थिति में, जांच प्राधिकरण एकपक्षीय कार्यवाही कर सकता है। शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों को चेताते हुए कहा कि राजनीतिक या बाहरी दबाव के माध्यम से प्रक्रिया को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के नियम 20 का उल्लंघन माना जाएगा और इसके लिए अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


 

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