शिमला : आवारा कुत्तों से निपटने के लिए नगर निगम का अभियान शुरू, आवारा कुत्तों को पहनाए जाएंगे QR और GPS आधारित पट्टे  

शिमला शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शिमला नगर निगम ने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन, स्टरलाइजेशन और डिजिटल रिकॉर्ड अभियान शुरू किया है जो तकरीबन 25 दिन तक चलेगा

Aug 17, 2025 - 16:53
Aug 17, 2025 - 17:27
 0  19
शिमला : आवारा कुत्तों से निपटने के लिए नगर निगम का अभियान शुरू, आवारा कुत्तों को पहनाए जाएंगे QR और GPS आधारित पट्टे  
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

जीपीएस से निगम कुत्तों की बदलते स्थान और व्यवहार पर नजर रख सकेगा

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     17-08-2025

शिमला शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शिमला नगर निगम ने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन, स्टरलाइजेशन और डिजिटल रिकॉर्ड अभियान शुरू किया है जो तकरीबन 25 दिन तक चलेगा।अभियान के दौरान शहर के सभी वार्डों में आवारा कुत्तों को नसबंदी, रेबीज सहित अन्य बीमारियों के टीके लगाए जाएंगे।

इसके अलावा जो ज्यादा खूंखार और लोगों को काटने वाले कुत्ते हैं उनकी पहचान कर उन्हें टूटीकंडी डॉग हॉट शिफ्ट किया जाएगा ताकि शहर वासियों को सुरक्षित माहौल दिया जा सके। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान ने बताया कि अभियान के दौरान सभी लावारिस कुत्तों को क्यूआर और जीपीएस आधारित पट्टे पहनाए जाएंगे। 

जीपीएस से निगम कुत्तों की बदलते स्थान और उनके व्यवहार पर नजर रख सकेगा।मेयर ने कहा कि इस दौरान करीब 3000 कुत्तों को रेबीज के टीके लगाए जाएंगे, स्टरलाइजेशन किया जाएगा और प्रत्येक कुत्ते का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इसके तहत हर कुत्ते को नंबरिंग की जाएगी और जिन कुत्तों का स्वभाव आक्रामक है या बार-बार काटने की घटनाएं सामने आती हैं, उन्हें डॉग हाट टूटीकंडी में रखा जाएगा। 

अभियान में महाराष्ट्र, गोवा और दिल्ली से आए पशु विशेषज्ञ शामिल हैं। डीआर अनिल की अगुवाई में टीम अलग-अलग वार्डों में जाकर कुत्तों को पकड़ रही है, टीकाकरण कर रही है और उनका व्यवहार व भोजन संबंधी आदतों का अध्ययन भी कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के नगर निकायों में अपनी तरह का पहला प्रयास है। 

जिसमें वैक्सीनेशन और स्टरलाइजेशन के साथ डिजिटलाइजेशन भी किया जा रहा है। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन सा कुत्ता किस इलाके में है, उसे वैक्सीन लगी है या नहीं, और उसका व्यवहार कैसा है। नगर निगम का लक्ष्य 100% स्टरलाइजेशन है, जिससे शहर में कुत्तों की संख्या और काटने की घटनाओं में कमी आएगी। अभियान के साथ लोगों में जागरूकता भी फैलाई जाएगी कि कुत्तों का व्यवहार क्यों बदलता है और उनके भोजन की सही व्यवस्था कैसे की जाए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow