अपने गृह क्षेत्र संगड़ाह के मरीजों को बेहतर सेवाएं देगी डॉ. तमन्ना शर्मा

सिरमौर जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में मौजूद आदर्श अस्पताल में जॉइनिंग कर चुकी इसी उपमंडल के गांव ब्योंग ( उप तहसील हरिपुरधार ) की बेटी डॉ. तमन्ना शर्मा के अनुसार वह अपने गृह क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास करेगी। कल गुरुवार से यहां बतौर प्रशिक्षु स्वास्थ्य अधिकारी काम कर रही तमन्ना के पिता राम कृष्ण शर्मा शिक्षक है

Sep 12, 2025 - 19:00
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अपने गृह क्षेत्र संगड़ाह के मरीजों को बेहतर सेवाएं देगी डॉ. तमन्ना शर्मा
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यंगवार्ता न्यूज़ - हरिपुरधार  12-09-2025
सिरमौर जिला के उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में मौजूद आदर्श अस्पताल में जॉइनिंग कर चुकी इसी उपमंडल के गांव ब्योंग ( उप तहसील हरिपुरधार ) की बेटी डॉ. तमन्ना शर्मा के अनुसार वह अपने गृह क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास करेगी। कल गुरुवार से यहां बतौर प्रशिक्षु स्वास्थ्य अधिकारी काम कर रही तमन्ना के पिता राम कृष्ण शर्मा शिक्षक है , जबकि मां गृहणी है। साल 2018 में आईजीएमसी शिमला से एमबीबीएस कर चुकी तमन्ना इससे पहले करीब 1 साल एम्स बिलासपुर में भी बतौर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सेवाएं दे चुकी है। 
संगड़ाह में खाली पड़े चिकित्सकों के 9 पदों में से 3 पर विभाग द्वारा गत 8 सितंबर को जाब ट्रेनी पॉलिसी के तहत नए डॉक्टर की नियुक्ति की गई है , जिनमें से 2 की जॉइनिंग होना बाकी है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार व विभाग से यहां स्टाफ की कमी को देखते हुए इन चिकित्सकों की दूसरी जगह एडजस्टमेंट नहीं करने की अपील की है। गौरतलब है कि, हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. परमार का विधानसभा क्षेत्र रहे रेणुका जी की सीएचसी संगड़ाह को वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा आदर्श अस्पताल घोषित किए गए जाने के बावजूद यहां एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व जनरेटर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। 
वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा संगड़ाह में विद्युत विभाग के अधिशासी व सहायक अभियंता कार्यालय बंद किए जाने तथा इन दिनों दोनों 33केवी लाइन खराब होने के बाद क्षेत्र में आए दिन घंटों बिजली गुल रहती है और जनरेटर न होने की चलते कई बार पूरी पूरी रात मरीजों को अंधेरे में काटनी पड़ती है। पूर्व प्रदेश सरकार के कार्यकाल में तैयार हुए इस अस्पताल के करीब साढ़े 10 करोड़ के भव्य भवन में हालांकि लिफ्ट भी मौजूद है , मगर विभाग द्वारा इसे हमेशा बंद रखा जाता है। हाल ही में इस अस्पताल में जहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 6 नर्सों की नियुक्ति होने व 30 लाख की प्रयोगशाला भी चालू होने से स्वास्थ्य सुविधाओं में आंशिक सुधार हुआ है।

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