आजादी के 78 वर्ष बाद भी बूंद बूंद को तरस रहे जुुग्गर गांव के लोग , ढोकर पानी लाने को विवश ग्रामीण 

जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते कसुपंटी निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत सतलाई के जुग्गर गांव के लोग आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी कंधे पर पानी ढोने को मजबूर है। हालांकि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर में नल - हर नल में जल उपलब्ध करवाने को लक्ष्य रखा गया है ,  परंतु जुग्गर गांव में किसी भी परिवार के घर में विभाग की ओर से  न नल लगा है न जल मिला है

Nov 10, 2025 - 19:06
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आजादी के 78 वर्ष बाद भी बूंद बूंद को तरस रहे जुुग्गर गांव के लोग , ढोकर पानी लाने को विवश ग्रामीण 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  10-11-2025
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते कसुपंटी निर्वाचन क्षेत्र की ग्राम पंचायत सतलाई के जुग्गर गांव के लोग आजादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी कंधे पर पानी ढोने को मजबूर है। हालांकि जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर में नल - हर नल में जल उपलब्ध करवाने को लक्ष्य रखा गया है ,  परंतु जुग्गर गांव में किसी भी परिवार के घर में विभाग की ओर से  न नल लगा है न जल मिला है। बता दें कि इस गांव में कुल 22 परिवार रहते हैं जिनकी आबादी करीब 135 है। 
 
 
 
जुग्गर के 90 वर्षीय बुद्धि सिंह ठाकुर और 75 वर्षीय ख्याली राम ने बताया कि उनकी सारी उम्र पानी ढोकर ही बीत गई है परंतु किसी भी सरकार ने इस गांव के लिए पेयजल अथवा सिंचाई योजना नहीं बनाई है। इनका कहना है कि विभाग ने जुग्गर स्कूल के लिए पेयजल योजना अवश्य बनाई है जोकि गांव से  करीब एक सौ मीटर नीचे है। जहां पर एक पब्लिक टेप लगाया गया है और उसी नल से सभी ग्रामवासी करीब एक सौ मीटर की चढ़ाई चढ़कर कंधे पर पानी ढोकर लाते है। बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि करीब आठ साल पहले साथ लगती पंचायत सतोग से इस गांव के लिए पाईप लाईन बिछाई गई थी परंतु लाईन में पानी न आने से सरकार वह पाईप भी नष्ट हो गई है। 
 
 
 
गांव के तिलक राम ठाकुर , संदीप कुमार, सुशील कुमार , मुन्नी देवी , रुकमणी देवी, साधो देवी सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल को जाने वाली पाईप लाईन से पानी को छोटी मोटर लगाकर गांव के लिए लिफ्ट किया जा सकता है और गांव में स्टोरेज टैंक बनाकर हर घर को नल द्वारा पानी उपलब्ध करवाया जा सकता है। इनका कहना है कि विभाग का कोई उच्च अधिकारी आजतक कभी इस गांव में नहीं आए है। स्थानीय फीटर की रिपोर्ट पर अधिकारी संतुष्ट हो जाते हैं परंतु अधिकारियों ने धरातल पर पेश आ रही पेयजल समस्या का मौके पर आकर कभी समाधान नहीं निकाला है। 
 
 
 
जेएसवी विभाग कोटी  के जेई सुनील भिक्टा का कहना है कि जेई के पद रिक्त होने के चलते उनके पास सात सेक्शन के चार्ज वर्तमान में मौजूद है जिस कारण वह किसी भी योजना का बेहतरीन ढंग से निरीक्षण नहीं कर पा रहे है। उन्होंने बताया कि जुग्गर के समीप कूफ्टू के लिए नई पेयजल योजना निर्मित की जा रही है। इस योजना से आगामी दिनों में जुग्गर को पानी दिया जाएगा।

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