कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सरकार चला रही कई कल्याणकारी योजनाएं : नन्द लाल

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जिला स्तरीय कल्याण समिति की बैठक आज यहां बचत भवन में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य 7वां वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नन्द लाल ने की। बैठक में बताया गया कि समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण तथा उनके उत्थान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया है

Oct 24, 2025 - 19:50
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कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सरकार चला रही कई कल्याणकारी योजनाएं : नन्द लाल
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  24-10-2025

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जिला स्तरीय कल्याण समिति की बैठक आज यहां बचत भवन में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य 7वां वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक रामपुर नन्द लाल ने की। बैठक में बताया गया कि समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण तथा उनके उत्थान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया गया है। योजनाओं के संचालन के लिए सरकार द्वारा हर साल बजट का आबंटन किया जाता है, जिसको व्यय करने के लिए जिला कल्याण समिति का अनुमोदन किया जाता है। नन्द लाल ने कहा कि अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत सिलाई मशीन के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता 1800 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा क्योंकि आज अत्याधुनिक अनेकों सुविधाओं से लैस सिलाई मशीन बाजार में उपलब्ध है और अगर अनुदान राशि बढ़ेगी तो महिलाओं को लाभ मिलेगा। 
इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम के तहत परिवारिक आय 50,000 रुपए से बढ़ाने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के माध्यम से पिछड़े लोगों के कल्याण के लिए धरातल पर कार्य करने के लिए प्रशासन तीव्रता से कार्य करे। कोई भी योग्य व्यक्ति योजना के लाभ से कतई नहीं छूटना चाहिए। इसके साथ ही जिन योजनाओं में बजट का प्रावधान नहीं है, उसके लिए सरकार के साथ पत्राचार करके बजट जारी करवाने के लिए प्रयास करें। जिला में विभिन्न योजनाओं के तहत 90724 लाभार्थियों को धन स्वीकृत कर दिया गया है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर 1 अरब 58 करोड़ 10 लाख 28 हजार रुपए राशि खर्च की गई है। वर्ष 2024-25 में इंदिरा गांधी प्यारी बहाना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 5249 लाभार्थी रहे। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 90195 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 54, कंप्यूटर एप्लिकेशन 165, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना 96, वृद्धावस्था पेंशन के 67090, विधवा पेंशन के 15029, दिव्यांग पेंशन के 7552, कुष्ठ रोगी पेंशन के 196 और ट्रांसजेंडर पेंशन के 13 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित है। 
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने अध्यक्ष को सम्मानित किया और उन्हें आश्वासन दिया कि जिला में योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा। जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया और मदों को क्रमवार प्रस्तुत किया। जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, एसडीएम चौपाल हेम चंद वर्मा, एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता, एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी, एसडीएम डोडरा क्वार कीर्ति चंदेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के अंतर्गत अनु० जाति, अनु० जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को मकान निर्माण के लिये अनुदान स्वीकृत किया जाता है। जिनके पास रहने योग्य मकान नहीं है और जिनकी समस्त साधनों से पारिवारिक वार्षिक आय 50,000 रुपए से अधिक न हो तथा अन्य किसी विभाग/कार्यालय से इस प्रकार का कोई अनुदान प्राप्त न किया हो, उनको विभाग द्वारा नए मकान के निर्माण के लिये 1,50,000 रुपए अनुदान राशि के रूप में प्रदान किये जाते है। 
इस योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 885 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है। अनुवर्ती कार्यक्रम के अंतर्गत अनु० जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित आवेदकों को सिलाई/बढ़ई व लोहार आदि के कार्य के लिए सिलाई मशीन/औजार क्रय करने हेतु अनुदान दिया जाता है जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 50,000 रुपए से अधिक न हो तथा वह इन कार्यों में निपुण हो, उन्हें सिलाई मशीन हेतु 1800 रूपये तथा औजार क्रय करने हेतु 1300 रुपए का अनुदान दिया जाता है। इस वित्तीय वर्ष में 200 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे दिव्यांग छात्र जो किसी सरकारी व निजी संस्थान से पढ़ाई, तकनीकी शिक्षा या डिग्री प्राप्त कर रहे हो तथा जिनकी दिव्यांगता प्रतिशत जिला दिव्यांगता बोर्ड द्वारा 40 प्रतिशत या इससे अधिक आंकी गई हो, को 625 रुपए से 5000 रुपए तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसमें 87 मामले प्राप्त हुए है जबकि 44 मामलों को स्वीकृति दे दी गई है।
 

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