राज्यपाल को अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस का न्योता ना दिया जाना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता : कश्यप

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा राज्यपाल को भीमराव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर ना बुलाने पर मोर्चा खोलते हुए कहा कि आज भारतीय संविधान के रचनाकार भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पूरा देश उनको नमन कर रहा है, डॉ अंबेडकर जिन्होंने सदा ही समाज में समानता और समरसता को विशेष स्थान दिया और कानून के सामने सब लोग एक हैं एक समान हैं इस विचार के साथ दलितों, शोषित, वंचितों के लिए उन्होंने जो लड़ाई लड़ी और पूरा देश उनको नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर आगे चलने का प्रयास कर रहा है,

Dec 6, 2024 - 17:53
Dec 6, 2024 - 18:07
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राज्यपाल को अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस का न्योता ना दिया जाना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता : कश्यप
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  06-12-2024
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा राज्यपाल को भीमराव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर ना बुलाने पर मोर्चा खोलते हुए कहा कि आज भारतीय संविधान के रचनाकार भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पूरा देश उनको नमन कर रहा है, डॉ अंबेडकर जिन्होंने सदा ही समाज में समानता और समरसता को विशेष स्थान दिया और कानून के सामने सब लोग एक हैं एक समान हैं इस विचार के साथ दलितों, शोषित, वंचितों के लिए उन्होंने जो लड़ाई लड़ी और पूरा देश उनको नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर आगे चलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन बहुत खेद का विषय है कि हिमाचल प्रदेश में जहां विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए लेकिन प्रदेश के प्रथम नागरिक महामहिम राज्यपाल को किसी भी कार्यक्रम का न्योता ना दिया जाना कांग्रेस पार्टी की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। 
नगर निगम शिमला के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया ,अन्य कार्यक्रम हुए, सरकारी कार्यक्रम हुए, प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सम्मिलित हुए लेकिन राज्यपाल महोदय को किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, मैं समझता हूं सीधे-सीधे जो संकीर्ण मानसिकता कांग्रेस सरकार की है उसको दर्शाता है। जब अनेक कार्यक्रम शिमला में ही आयोजित हुए प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए गए, राज्यपाल महोदय को भी उसमें बुलाया जाना चाहिए था।सरकार बार-बार राज्यपाल को लेकर अनेक प्रकार के गंभीर आरोप लगाने का प्रयास करती है। प्रदेश में कोई भी बिल राज्यपाल महोदय के पास लंबित नहीं पड़ा है और प्रदेश को लेकर महामहिम का सदा ही बड़ा सकारात्मक रुख रहा है। राज्यपाल का पद एक संवैधानिक व्यवस्था है, आज प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है लेकिन जिस प्रकार से कांग्रेस के नेता हर मामले में राजनीति करने का प्रयास करते हैं मैं समझता हूं यह प्रदेश के हित में नहीं है। 
दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने को है और दो वर्ष में कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश को दस साल पीछे धकेलने का काम किया है,  कांग्रेस पार्टी 11 दिसंबर को अपनी नाकामियों का जशन बनाने का कार्यक्रम मानने जा रही है। दो वर्ष के दौरान प्रदेश को जिस प्रकार से खनन माफिया के द्वारा भ्रष्टाचार के द्वारा और मित्रों को लाभ पहुंचाकर प्रदेश को कांग्रेस पार्टी ने लूटने का प्रयास किया है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। आज प्रदेश की जनता अपने आप को ठगा महसूस करती है और प्रदेश की जनता का इस सरकार से मोह भंग हो गया है, प्रदेश में जितने भी विकास के कार्य ठप पड़ गए हैं और कर्ज के ऊपर कर्ज लेकर प्रदेश को कर्ज के गर्त में धकेलने का काम यह निकम्मी सरकार कर रहे हैं।

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