प्रदेश के उपभोक्ताओं को नए साल में डिपुओं में मिलेगा प्राकृतिक मक्की से तैयार हिम भोग आटा 

प्रदेश के सस्ते राशन के डिपुओं में नए साल से राशन कार्ड उपभोक्ता मक्की का आटा भी खरीद सकेंगे। हिम मक्की आटा के नाम से डिपुओं में एक किलो से लेकर पांच किलो की पैकिंग में प्राकृतिक मक्की का आटा 50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद सकेंगे। सिविल सप्लाई कारपोरेशन शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सभी डिपुओं में मक्की का आटा जनवरी माह से मुहैया करवाने जा रही है

Dec 27, 2024 - 17:02
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प्रदेश के उपभोक्ताओं को नए साल में डिपुओं में मिलेगा प्राकृतिक मक्की से तैयार हिम भोग आटा 
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यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर  27-12-2024


प्रदेश के सस्ते राशन के डिपुओं में नए साल से राशन कार्ड उपभोक्ता मक्की का आटा भी खरीद सकेंगे। हिम मक्की आटा के नाम से डिपुओं में एक किलो से लेकर पांच किलो की पैकिंग में प्राकृतिक मक्की का आटा 50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद सकेंगे। सिविल सप्लाई कारपोरेशन शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सभी डिपुओं में मक्की का आटा जनवरी माह से मुहैया करवाने जा रही है। ताकि राशन कार्ड धारकों को घर द्वार के नजदीक बेहतर क्वालिटी का आटा खरीदने को मिल सके। 

 

 

बता दें कि प्रदेश सरकार ने पहली बार प्राकृतिक खेती में स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट अप योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में सिविल सप्लाई कारपोरेशन के माध्यम से किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार 3905 क्विंटल मक्की खरीदी थी, जिससे 3593 क्विंटल मक्की का आटा तैयार किया गया है। सिविल सप्लाई कारपोरेशन प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की आटे को डिपुओं में नए साल से हिम भोग के नाम से बेचने जा रहा है। प्रदेश के सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मक्की का आटा एक किलो की पैकिंग से लेकर पांच किलो की पैकिंग तक मुहैया करवाया जाएगा। 

 

 

राशन कार्ड उपभोक्ता 50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से हिम भोग आटा खरीद सकेंगे। राशन कार्ड धारक भी डिपुओं में मक्की का आटा मिलने से काफी खुश हैं, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में मक्की का आटा आसानी से मिल पाना मुश्किल है। लोग दूर-दराज गांवों से लाकर मक्की का आटा खाने में प्रयोग करते हैं। ऐसे में मक्की का आटा ग्रामीण क्षेत्रों के बजाय शहरी क्षेत्रों में ज्यादा सेल आउट होने की उम्मीद है। 

 

 

यही नहीं, लोग भी मोटे अनाज को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और चावल व गेहूं के बजाय मक्की का आटा प्रयोग करना ही बेहतर समझ रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में मक्की के आटे की डिमांड डिपुओं में बढ़ने की उम्मीद है। वहीं संजीव वर्मा, एरिया मैनेजर, सिविल सप्लाई कारपोरेशन हमीरपुर ने बताया कि सस्ते राशन के डिपुओं में नए साल से प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का हिम भोग आटा मुहैया करवाया जाएगा।

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