चार लेबर कोड लागू के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सीटू बैनर तले कई मजदूर संगठनों ने जताया विरोध

संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आज नाहन में मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। चार लेबर कोड लागू करने के विरोध में सीटू के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास हैं। जिला मुख्यालय नाहन समेत शिलाई और राजगढ़ में भी मजदूर संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं

Feb 12, 2026 - 17:57
Feb 12, 2026 - 18:11
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चार लेबर कोड लागू के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सीटू बैनर तले कई मजदूर संगठनों ने जताया विरोध
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  12-02-2026
संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आज नाहन में मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। चार लेबर कोड लागू करने के विरोध में सीटू के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास हैं। जिला मुख्यालय नाहन समेत शिलाई और राजगढ़ में भी मजदूर संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया जा रहे चार लेबर कोड के खिलाफ नाहन में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मजदूरों और यूनियन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 
उन्होंने कहा कि पहले के श्रम कानूनों के तहत मजदूरों को अपनी आवाज उठाने और यूनियन बनाने का अधिकार था, लेकिन नए लेबर कोड के जरिए इन अधिकारों को सीमित किया जा रहा है।  मजदूरों को बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों की ओर धकेला जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार लेबर कोड लागू कर केंद्र सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। यह कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करता है और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा को खत्म करने का जो केंद्र सरकार प्रयास कर रही है उससे ग्रामीण मजदूरों को कम मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा। 
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की पांच दिन की हड़ताल भी शुरू हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। एआईटीयूसी के राज्य कोषाध्यक्ष अनुप् पराशर का कहना है कि पूंजीपतियों के कहने पर मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है। और इसके खिलाफ मजदूर संगठनों का विरोध जारी रहेगा। संयुक्त ट्रेड यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने लेबर कोड वापस नहीं लिए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आगामी फैसलों के बाद अगली रणनीति तैयार की जाएगी।

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