एबीवीपी के खिलाफ एसएफआई का उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन , एसपी को सौंपा ज्ञापन  

एसएफआई राज्य कमेटी के आह्वान पर एचपीयू में एसएफआई के कार्यकर्ताओं के उपर एबीवीपी द्वारा किये गए गंभीर हमले के खिलाफ उपयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस धरना प्रदर्शन में बात रखते हुए कैंपस सचिवालय सदस्य कामरेड सुनील ने कहा की जब एसएफआई विश्वविद्यालय में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है तो इस आंदोलन को खत्म करने के लिए एबीवीपी ने यह हमला किया

Mar 13, 2025 - 18:56
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एबीवीपी के खिलाफ एसएफआई का उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन , एसपी को सौंपा ज्ञापन  

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  13-03-2025

एसएफआई राज्य कमेटी के आह्वान पर एचपीयू में एसएफआई के कार्यकर्ताओं के उपर एबीवीपी द्वारा किये गए गंभीर हमले के खिलाफ उपयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस धरना प्रदर्शन में बात रखते हुए कैंपस सचिवालय सदस्य कामरेड सुनील ने कहा की जब एसएफआई विश्वविद्यालय में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है तो इस आंदोलन को खत्म करने के लिए एबीवीपी ने यह हमला किया। जिसमें एसएफआई के 7 लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए है। इन्होंने आगे बात रखते हुए कहा की एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में जब छात्र मुद्दों को लेकर लगातार  आंदोलन कर रही है और वि वी कैंपस में  पिछले कल इन्ह मुद्दों को लेकर 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल करने जा रही थी उस हड़ताल को खत्म करने के लिए कैंपस में एबीवीपी के गुंडों ने दराटो से हमला किया। 
एसएफआई यह मांग कर रही है की एबीवीपी को कैंपस में बैन किया जाये। इस धरना प्रदर्शन में बात रखते हुए राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों के द्वारा विश्वविद्यालय में एस एफ आई के कार्यकर्ताओं के ऊपर हमला किया गया ये वही लोग है जिन लोगों के द्वारा संजौली में भी सांप्रदायिकता का माहौल बनाया और वहां पर भी पत्थरबाजी की गई थी। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कोविड के बात लगातार शिक्षा का भगवाकरण किया गया। जिसमें फर्जी प्रोफेसर को भरा गया जिसमें आईएसएस के लोगो को भरने का काम किया गया और उसके बाद देश में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लाया गया और उसे हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार द्वारा लागू करने का काम किया जा रहा। छात्रों को शिक्षा से दूर करने की मुहीम लगातार जारी रखे हुई है और इसका असर आज विश्वविद्यालय में भी देखने को मिल रहा है। 
जंहा पर छात्रों को सब्सीटाईज़ और नॉन सब्सीटाईज़ केटेगिरी में बाटने का काम कर रही है और शिक्षा का भगवाकरण करते हुए शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन के बाद एसएफआई राज्य कमेटी ने एसपी शिमला को ज्ञापन सौंपा जिस ज्ञापन के अंदर एसएफआई ने यह मांग की कि पुलिस प्रशासन इस घटनाक्रम में शामिल सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को बचाया जा सके। एसएफआई ने कहा कि पुलिस प्रशासन के द्वारा भी एबीवीपी को गिरफ्तार करने में देरी की जा रही हैं।  आज उस घटना को 2 दिन का समय हो गया है लेकिन अभी तक केवल 11 लोगों को ही गिरफ्तार किया गया हैं एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा की विश्वविद्यालय प्रशासन एबीवीपी  पर सख्त कार्यवाही करें। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन इन लोगों पर कार्यवाही नहीं करती है तो एसएफआई  प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगी। 

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