जल शक्ति विभाग में 36.77 करोड़ का पाइप घोटाला उजागर, कांग्रेस सरकार मौन क्यों? : संदीपनी भारद्वाज

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी में पेश 22 पृष्ठों की रिपोर्ट ने विभाग में बड़े स्तर पर गड़बड़झाले और संभावित मिलीभगत को बेनकाब कर दिया

Jan 12, 2026 - 13:31
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जल शक्ति विभाग में 36.77 करोड़ का पाइप घोटाला उजागर, कांग्रेस सरकार मौन क्यों? : संदीपनी भारद्वाज

फर्जी ई-वे बिल, बिना ट्रांसशिपमेंट और नियमों की खुली धज्जियां—उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में खुलासा

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   12-01-2026

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी में पेश 22 पृष्ठों की रिपोर्ट ने विभाग में बड़े स्तर पर गड़बड़झाले और संभावित मिलीभगत को बेनकाब कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 में 4,500 मीट्रिक टन से अधिक जीआई पाइप की आपूर्ति में निविदा शर्तों की गंभीर अनदेखी हुई और वास्तविक ट्रांसशिपमेंट के बिना फर्जी ई-वे बिल पेश किए जाने की आशंका दर्ज की गई है।

संदीपनी भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2024–25 में एल-1 फर्म होने के नाते APL Apollo Tubes Limited को 4,770 मीट्रिक टन जीआई पाइप की आपूर्ति का आदेश दिया गया, जिसकी लागत 36.77 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में दर्ज है कि 13.150 मीट्रिक टन (80 एमएम पीई) जीआई पाइप—कीमत 10.19 लाख—सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि को बिना सूचना दिए बड़सर डिवीजन भेज दिए गए। 

कंपनी ने एक ही ट्रक से आनी और बड़सर के लिए सामग्री भेजने का दावा किया, बाद में पहाड़ी क्षेत्र में लोड न उठ पाने का बहाना बनाकर दूसरे ट्रक से ट्रांसशिपमेंट दिखाया गया, लेकिन न तो सिविल सप्लाई प्रतिनिधि की मौजूदगी दर्ज है और न ही अनिवार्य वीडियोग्राफी का कोई प्रमाण।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि निविदा शर्तों के मुताबिक सामग्री की तौल, डिस्पैच और ट्रांसशिपमेंट सिविल सप्लाई के प्रतिनिधि की मौजूदगी में होना जरूरी था—जिसका स्पष्ट उल्लंघन हुआ। यह केवल विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि दस्तावेजों की हेराफेरी और संभावित सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2025–26 के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की पहली बैठक 18 दिसंबर को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बावजूद इसके, जब मौजूदा सचिव से सवाल पूछा गया तो “यह मेरे समय का नहीं” कहकर पल्ला झाड़ लिया गया—जो जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है।

संदीपनी भारद्वाज ने मांग की कि कांग्रेस सरकार तुरंत इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करे, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे और यह बताए कि नियमों की अनदेखी किसके संरक्षण में हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जनता के धन के एक-एक रुपये का हिसाब लेकर रहेगी और इस घोटाले को दबने नहीं देगी।

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