सुन्नी क्षेत्र को बढ़ते जलस्तर से मिलेगी राहत, जल्द शुरू होगा सतलुज में डिसिल्टेशन कार्य : उपायुक्त

एनटीपीसी ने कोलडैम हाईड्रो पाॅवर स्टेशन को लेकर बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन रिपोर्ट उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को सौंप दी है। मंगलवार को बचत भवन में रिपोर्ट को लेकर विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में रिपोर्ट पर कोलडेम प्रबंधन की ओर से प्रेजेंटेशन दिया गया

Feb 10, 2026 - 16:13
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सुन्नी क्षेत्र को बढ़ते जलस्तर से मिलेगी राहत, जल्द शुरू होगा सतलुज में डिसिल्टेशन कार्य : उपायुक्त
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उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एनटीपीसी ने दी बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन रिपोर्ट

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    10-02-2026

एनटीपीसी ने कोलडैम हाईड्रो पाॅवर स्टेशन को लेकर बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन रिपोर्ट उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप को सौंप दी है। मंगलवार को बचत भवन में रिपोर्ट को लेकर विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में रिपोर्ट पर कोलडेम प्रबंधन की ओर से प्रेजेंटेशन दिया गया।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सुन्नी क्षेत्र में बढ़ती सिल्ट को लेकर कोलडेम प्रबंधन को सोनार तकनीक के आधार पर बाथिमेट्री एवं सिल्टेशन सर्वेक्षण करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में आज प्रबंधन ने सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंप दी है। बाथिमेट्री अध्ययन में पानी के नीचे की सतह की गहराई और स्थलाकृति (तल का आकार) सम्मलित है, जिसे आसान भाषा में जल के भीतर की मैपिंग या समुद्र तल का सर्वेक्षण कह सकते हैं। 

यह तकनीक नदियों, झीलों और महासागरों के तल का नक्शा बनाने के लिए सोनार, इकोसाउंडर और लिडार जैसे उपकरणों का उपयोग करती है, लेकिन इस रिपोर्ट को सोनार के माध्यम से किया गया। यह सर्वेक्षण आईआइटी रूड़की के माध्यम से करवाया गया है। सिल्ट के आधार पर तीन जोन में बांटा गया है। जोन -1 में तातापानी, जोन-2 में सुन्नी और जोन-3 में चाबा क्षेत्र सम्मिलित किया गया। 

2014 से 2023 तक सिल्ट के एकत्रीकरण में बदलाव देखा गया है। जोन तीन में वर्ष 2022 और 2023 में सिल्ट का एकत्रीकरण हुआ है। इसके पीछे मुख्य तौर पर सड़क निर्माण कार्य, प्रोजेक्ट कार्य, बाढ़ आदि माने गए है। रिपोर्ट में साफ बताया गया कि रेजेरवायर में सिल्ट का एकत्रित हुई है, लेकिन सिल्ट रेजेरवायर की क्षमता से कम एकत्रित हुई है।

उपायुक्त ने कहा कि रिपोर्ट में डिस्लिटेशन के सुझाव दिए गए है। प्रशासन इस दिशा में व्यापक योजना बनाने जा रहा है, ताकि प्रभावित क्षेत्र में एकत्रित हो रही सिल्ट को नियमानुसार डिसिल्ट किया जाए। ऐसा करने से पानी का जलस्तर बढ़ेगा नहीं और प्रभावित क्षेत्रों को मानसून की स्थिति में खतरा भी पैदा नहीं होगा। 

उपायुक्त ने कहा डिसिल्टेशन को लेकर डीएफओ एफसीए अनुमति सहित अन्य नियमों के बारे में विस्तृत अध्ययन करेंगे। स्थानीय प्रशासन सारे नियमों का अध्ययन करने के बाद एसओपी बनाएगा, ताकि डिसिल्टेशन की प्रक्रिया को शुरू किया जाए। इसमें कोलडेम प्रबंधन ने हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

बैठक में एडीएम लॉ एंड आर्डर पकंज शर्मा, एडीएम प्रोटोकाॅल ज्योति राणा, डीएफओ ग्रामीण अनिकेत बान्वे, एनटीपीसी हेड ऑफ प्रोजेक्ट सेशगेरी राॅव, सहायक महाप्रबंधक एनटीपीसी स्वधीन, डीजीएम अखिलेश जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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