नया सत्र शुरू होने से पहले बंद होंगे 100 से कम छात्र संख्या वाले 21 कालेज , विभाग ने सीएम ऑफिस को भेजी फाइल 

प्रदेश में ऐसे कॉलेज जहां छात्रों की संख्या 75 से कम है, उन्हें बंद किया जाएगा। कैबिनेट में फैसले के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को यह फाइल गई है और मंजूरी के बाद उच्च शिक्षा विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। प्रदेश के कॉलेजों में इन दिनों यूजी की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में यह कहा जा रहा कि कॉलेजों में जुलाई-अगस्त तक कॉलेज पर फैसला होगा। यानी नया सत्र शुरू होने से पहले यह कालेज बंद होंगे। गौर रहे कि दो दिन पहले ही कैबिनेट ने डिग्री कॉलेजों को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है

Apr 2, 2025 - 12:12
Apr 2, 2025 - 12:20
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नया सत्र शुरू होने से पहले बंद होंगे 100 से कम छात्र संख्या वाले 21 कालेज , विभाग ने सीएम ऑफिस को भेजी फाइल 

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  02-04-2025

प्रदेश में ऐसे कॉलेज जहां छात्रों की संख्या 75 से कम है, उन्हें बंद किया जाएगा। कैबिनेट में फैसले के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को यह फाइल गई है और मंजूरी के बाद उच्च शिक्षा विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। प्रदेश के कॉलेजों में इन दिनों यूजी की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में यह कहा जा रहा कि कॉलेजों में जुलाई-अगस्त तक कॉलेज पर फैसला होगा। यानी नया सत्र शुरू होने से पहले यह कालेज बंद होंगे। गौर रहे कि दो दिन पहले ही कैबिनेट ने डिग्री कॉलेजों को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है। 
यहां पर छात्र-छात्राओं को दूसरे कालेज में शिफ्ट होने के लिए यात्रा भत्ता देने की संभावना देखने को कहा गया है। हिमाचल में 100 से कम छात्र संख्या वाले 21 कालेज हैं, जिनमें से पांच पहले से ही नॉन फंक्शनल चल रहे हैं, लेकिन 75 से कम छात्र संख्या पर करीब 15 डिग्री कॉलेजों पर असर होगा। इन फैसलों को लेकर शिक्षा विभाग को गाइडलाइन बनाने को कहा गया है। इस गाइडलाइन के फाइनल होते ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगी। नए शिक्षा सत्र में युक्तिकरण की प्रक्रिया को भी इन फैसलों के साथ ही लागू किया जाएगा। 
बंद होने वाले शिक्षण संस्थानों के स्टाफ का अन्य स्थान पर इस्तेमाल होगा।कालेज भवन यदि बना है तो उसे विभाग के अधीन कर दिया जाएगा। फर्नीचर व अन्य सामान साथ लगते कालेज में शिफ्ट किया जाएगा। विभाग अधिकारियों ने तर्क दिया था कि कालेज में 500 छात्र संख्या होनी चाहिए। तभी वहां पर बीए , बीएससी , बीकॉम , बीवॉक के अलावा अन्य प्रोफेशनल कोर्स चलाए जा सकते हैं। हालांकि 500 छात्र संख्या निर्धारित होने से प्रदेश में बहुत कॉलेज बंद हो जाएंगे। इसलिए पहले चरण में 100 छात्र संख्या निर्धारित की गई है। 
प्रदेश के कॉलेजों में बीते कुछ वर्षों से विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। ऐसे में अब सरकार ने कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया है। मुख्यालयों व शहरों के कॉलेजों में दूरदराज क्षेत्रों के कॉलेजों के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या बेहतर है। ऐसे में संस्कार गुणात्मक शिक्षा देने के लिए ऐसे कॉलेजों को बंद करने जा रही है, जहां बीते कुछ वर्षों से विद्यार्थियों के दाखिले नहीं बढ़ रहे हैं और जहां विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम है।
 

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