सुंदरनगर उपमंडल की 139 बेटियों को मिले मुख्यमंत्री शगुन योजना से 43 लाख रुपए के लाभ

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार बीपीएल, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और पिछड़े वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें से एक है मुख्यमंत्री शगुन योजना। यह योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 31 हजार रुपए का शगुन दिया जाता है

Aug 9, 2025 - 12:35
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सुंदरनगर उपमंडल की 139 बेटियों को मिले मुख्यमंत्री शगुन योजना से 43 लाख रुपए के लाभ
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी   09-08-2025

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार बीपीएल, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और पिछड़े वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इनमें से एक है मुख्यमंत्री शगुन योजना। यह योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 31 हजार रुपए का शगुन दिया जाता है। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाली 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की लड़कियों और महिलाओं को विवाह के लिए अनुदान राशि देने का प्रावधान है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा मंडी जिला के सुंदरनगर की 139 बेटियों की शादी के लिए इस योजना के तहत 43 लाख 09 हजार रुपए की सहायता राशि जारी की जा चुकी है। 
वित्त वर्ष 2023-24 में 62 बेटियों को 19 लाख 22 हजार, 2024-25 में 68 बेटियों को 21 लाख 08 हजार और 2025-26 में अभी तक 9 बेटियों को 2 लाख 79 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा चुकी है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 31-31 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है। हिमाचल प्रदेश शगुन योजना का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं बीपीएल परिवारों की उन बेटियों के विवाह में वित्तीय सहयोग उपलब्ध करवाना है, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और जो हिमाचल प्रदेश की स्थाई निवासी हों। यह सहायता उन माता-पिता या अभिभावकों को भी प्रदान की जाती है जो विवाह की तैयारी के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हों, या स्वयं लड़की को (यदि उसके माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं)। विशेष बात यह है कि यदि लड़की का विवाह ऐसे वर से हो रहा हो जो हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी नहीं है, तब भी वह इस अनुदान के लिए पात्र रहती हैं। शगुन योजना का लक्ष्य न केवल परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक प्रतिष्ठा के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। 
इसी उद्देश्य से पात्र परिवारों को विवाह के लिए अधिकतम 31 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे सम्मानपूर्वक और गरिमापूर्ण ढंग से अपनी बेटियों का विवाह संपन्न कर सकें। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की नवोन्मेषी और दूरदर्शी सोच के चलते इस वर्ष से मुख्यमंत्री शगुन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से शुरू कर दी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लाभार्थी निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म) पर बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के पास तथा ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ही हिमाचल प्रदेश सरकार के e-district portal (https://edistrict.hp.gov.in) पर आवेदन कर सकते हैं। तमाम औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात सरकार की तरफ से शगुन योजना में सहायता राशि प्रदान की जाती है। 
नियमों के तहत पात्र लाभार्थी शादी के तय दिन से 2 माह पूर्व अथवा विवाह होने के पश्चात 6 माह के भीतर योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित बाल विकास एवं परियोजना अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। शादी के छह माह बीत जाने के बाद इसका लाभ लेने का प्रावधान नहीं है। इस योजना के लिए लड़की के माता-पिता, अभिभावक या लड़की स्वयं भी आवेदन कर सकती है। अधिक जानकारी के लिए लोग नजदीकी सीडीपीओ कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं। पात्र आवेदक को योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थना पत्र के साथ प्रस्तावित वर व वधू की आयु का प्रमाण पत्र, लड़के का स्थाई प्रमाण पत्र तथा लड़की का हिमाचली प्रमाण पत्र, लड़की के माता-पिता का बीपीएल प्रमाण पत्र, विवाह की निर्धारित तिथि का प्रमाण पत्र, यदि विवाह हो चुका है तो विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, यदि माता-पिता की मृत्यु हो गई है तो नि:सहाय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते की फोटो कॉपी संलग्न करनी होगी। 
हिमाचल प्रदेश शगुन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सशक्तिकरण, उनके परिवारों को आर्थिक राहत देने और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना न केवल शादी के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

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