तीसरे बजट में भी कांग्रेस की गारंटियों का कोई जिक्र नहीं , महिलाएं कर रही 1500 का इंतज़ार , दिशाहीन है बजट : बिंदल 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुखविंदर जी ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लगभग 58 हजार करोड़ रू0 का यह बजट हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए शून्य है। डाॅ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री के शब्दों के अनुसार इस बजट में 25 पैसा सैलरी के लिए , 20 पैसा पैंशन के लिए , 12 पैसा ब्याज के लिए , 10 पैसा देय राशियों के लिए और सामाजिक कार्यों के लिए 9 पैसा , इस प्रकार 100 रू0 में से 76 रुपये एक सामान्य देनदारियां है

Mar 17, 2025 - 19:33
Mar 17, 2025 - 19:45
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तीसरे बजट में भी कांग्रेस की गारंटियों का कोई जिक्र नहीं , महिलाएं कर रही 1500 का इंतज़ार , दिशाहीन है बजट : बिंदल 
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  17-03-2025
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुखविंदर जी ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लगभग 58 हजार करोड़ रू0 का यह बजट हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए शून्य है। डाॅ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री के शब्दों के अनुसार इस बजट में 25 पैसा सैलरी के लिए , 20 पैसा पैंशन के लिए , 12 पैसा ब्याज के लिए , 10 पैसा देय राशियों के लिए और सामाजिक कार्यों के लिए 9 पैसा , इस प्रकार 100 रू0 में से 76 रुपये एक सामान्य देनदारियां है और उसके बाद 24 रू0 पूंजीगत व्यय के लिए बचता है। विकास के लिए  प्रदेश की जनता के लिए सरकार ने कुछ नहीं रखा है। बजट की यह वस्तुस्थिति उन्होंने स्वयं बजट के अंदर वर्णित की है। डॉ. बिन्दल ने कहा कि पूरे बजट में 2022 से पहले की सरकार को केवल कोसने का काम किया है। 2022 से पहले सरकार ने कुछ कर्ज छोड़ा , कुछ काम नहीं किया, उसी बात का हवाला देकर पूरे बजट की शुरुआत की है और उसी बात का हवाला देकर बजट को समाप्त किया गया है। 
उन्होंने कहा कि इस बजट के अंदर जो कर्ज निरंतर लिया जा रहा है, उस कर्ज के बारे में कोई व्याख्या नहीं है कि यह कर्ज कितनी मात्रा में कब तक लिया जाएगा और उस कर्ज का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाएगा, यह एक बहुत बड़ा प्रश्न इसके अंदर पैदा होता है। डाॅ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कोई भी प्रावधान इस बजट के अंदर नहीं किया गया है और न ही इस बात का कोई उत्तर दिया गया कि आपने 1200 स्कूलों को बंद कर दिया है, आपने लगभग 1600 संस्थान बंद कर दिए हैं। आप शिक्षा में गुणवत्ता की बात कर रहे हैं और संस्थान बंद करते चले जा रहे हैं। आप स्वास्थ्य में गुणवत्ता की बात कर रहे हैं और स्वास्थ्य संस्थान बंद करते जा रहे हैं और इस बजट के अंदर भी आपने जो कल्याणकारी योजना हिमकेयर योजना, आयुष्मान योजना उसके बारे में किसी भी प्रकार का कोई जिक्र नहीं किया। जो लाभ इससे जनता को मिल रहा था, उसके बारे में आप पूरी तरह खामोश हैं, और भी चिंताजनक बात यह है कि अनेक योजनाओं का नाम बदलकर आपने जनता को धोखा देने का प्रयास किया। 
डॉ. बिंदल ने कहा कि आपने प्रदेश की 20 वर्ष से ऊपर की बहनो को 1500 रू0 देने की बात करते समय उसमें पात्र शब्द का प्रयोग किया अर्थात आप यह राशि चुनिंदा बहनो को देने की बात कह रहे हैं। इसी प्रकार से आपने 100 रू0 लीटर दूध की बात की थी , लेकिन तीसरा साल आ गया, दूध कहीं भी 100 रू0 लीटर नहीं बिका। कुल मिलाकर जो गारंटियां आपने दी थी, उन गारंटियों के नजदीक भी आप नहीं पहुंच सके। आउटसोर्स कर्मचारियों के बारे में आपने कोई चिंता नहीं की, जो छोटा कर्मचारी है, उसके प्रति भी आपने कोई चिंता नहीं की और एक लाख रोजगार जो सरकारी क्षेत्र के अंदर सरकारी नौकरी के रूप में पहली कैबिनेट में दिया जाना था और 5 लाख रोजगार दिए जाने थे, उसका दूर-दूर तक इस बजट के अंदर कोई जिक्र नहीं है। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि ये बजट युवाओं को धोखा देने वाला बजट है, बेरोजगारों के साथ मजाक है, बहनों को ठगा गया है जिसको उन्होंने 1500 रू0 देने की गारंटी देकर वोट लिया था। 
किसानों के साथ अन्याय इस बजट के अंदर किया गया है और जो बिगड़ती कानून व्यवस्था जिस तरह दिन-दहाड़े गोलीबारी हिमाचल प्रदेश में हुई है वो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब तो उत्तर प्रदेश , बिहार सभी जगह हालात सुधर चुके हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश देश में सुर्खियों में बना हुआ है और बजट के अंदर किसी भी प्रकार का उल्लेख इस दिशा के अंदर दिखाई नहीं देता। यह बजट हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है, अन्याय है, शोषण है। केवल और केवल भाजपा को गाली देकर इस बजट की सारी योजनाओं को बताने का काम किया है। उन्होंने कहा कि टूरिज्म का पैसा केन्द्र का, पेयजल सिंचाई योजनाओं का पैसा केन्द्र का, स्वास्थ्य की योजनाओं का पैसा केंद्र सरकार का, शिक्षा की योजनाओं का पैसा केंद्र सरकार का, माल मालिको का मशहूरी कम्पनी की, उनके नामकरण अपने नाम पर करके उनको आगे बढ़ाने का प्रयास किया है, केवल इतना ही इस बजट के अंदर है।

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