फोरलेन निर्माण कार्य की होगी निशानदेही,भट्टाकुफर में भवन गिरने के कारणों की करेगी जांच :  उपायुक्त

फोरलेन के शिमला में निर्माणाधीन कार्य को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि भट्टाकुफर में पांच मंजिला भवन के गिरने की घटना की जांच विशेष कमेटी करेगी

Jul 3, 2025 - 16:15
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फोरलेन निर्माण कार्य की होगी निशानदेही,भट्टाकुफर में भवन गिरने के कारणों की करेगी जांच :  उपायुक्त
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यंगवार्ता न्यूज़ -शिमला   03-07-2025

फोरलेन के शिमला में निर्माणाधीन कार्य को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में वीरवार को बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि भट्टाकुफर में पांच मंजिला भवन के गिरने की घटना की जांच विशेष कमेटी करेगी। उन्होंने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए है। 

कमेटी मकान गिरने के कारणों, नुकसान और प्रभावित को सहायता मुहैया करवाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही साथ लगते घरों को भी फोरलेन निर्माण कार्य की कटिंग से अगर खतरा है, तो इस बारे में भी कमेटी विस्तृत रिपोर्ट देगी। उपायुक्त ने कहा कि वहीं दूसरी कमेटी का गठन कैथलीघाट (जहाँ से जिला शिमला की सीमा प्रारम्भ होती है) से लेकर ढली तक चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य की स्टेटस रिपोर्ट को लेकर किया गया है। 

इस कमेटी का गठन अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें 12 सदस्यों होंगे। इस कमेटी में लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, पुलिस, निर्माण कर रही कंपनी सहित अन्य हितधारकों को शामिल किया गया है। यह कमेटी कंपनी की ओर से किए जा रहे कार्य की निशानदेही करेगी। अगर कंपनी द्वारा तय नियमों की पालना नहीं की जा रही होगी तो आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

कैथलीघाट (जहाँ से जिला शिमला की सीमा प्रारम्भ होती है) से ढली तक करीब 27 किलोमीटर का फोरलेन कार्य जिला शिमला के अधीन आता है। कमेटी निर्माण कार्यो से बने संवेदनशील स्थानों के बारे में भी रिपोर्ट में जानकारी देगी।

इस बैठक में उपायुक्त ने निर्णय लिया कि एनएचएआई दो दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट देगी, जिसमें कैथलीघाट से लेकर ढली टनल तक फोरलेन के निर्माण कार्य से उत्पन्न हुए खतरे को लेकर कंसल्टेंट की ओर से कब कब रिपोर्ट दी गई । इसके साथ ही कंसल्टेंट की रिपोर्ट के बाद कंपनी की ओर से ऐसे स्थानों पर क्या कदम उठाए गए, इस बारे में भी रिपोर्ट में जानकारी देनी होगी। 

वहीं उपायुक्त ने कहा कि फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी भी कार्य को लेकर नियमों के पालन के बारे में अपनी रिपोर्ट देगी। इसके अलावा फोरलेन को लेकर किये गए भूमि अधिग्रहण के बारे में रिपोर्ट देनी होगी। अनुपम कश्यप ने कहा कि फोरलेन निर्माण के कारण लोगों के घरों पर खतरा बना हुआ है, जिसको लेकर कई लोगों की शिकायतें प्रशासन के पास आई है। 

पुलिस के माध्यम से ड्रोन सर्वे करवाया जा रहा है और ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पर कटिंग से खतरा पैदा होने की संभावना हो रही है। कंपनी और एनएचएआई को निर्देश दिए गए हैं कि डंपिंग साइट का निरीक्षण करें ताकि कहीं मानसून के कारण इन साइट के साथ लगती भूमि पर कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है।

फोरलेन के निर्माण कार्य से करीब 20 परिवार प्रभावित हुए है, जिनकी मांग है कि प्रभावित भवन मालिक को आर्थिक सहायता और साथ ही किराए का प्रावधान भी कंपनी की ओर से करवाया जाये। इसके अतिरिक्त आंशिक रूप से प्रभावित घरों को सुरक्षित करने के लिए भी उचित कदम उठाए जाये। 

उपायुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रभावितों की मांगों पर सकारात्मक  कदम उठाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने लोक निर्माण विभाग से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों का मूल्यांकन करवाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें नुकसान के आकलन के बाद मुआवजा दिया जा सके। 

बैठक में पुलिस अधीक्षक संजीव  गांधी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवदीप सिंह, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा, एक्सइन नगर निगम शिमला  राजेश ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप बाली, एसीएफ  देवेंद्र चौहान सहित कई मौजूद रहे।
 

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