यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 28-03-2025
राज्य स्तरीय सांझा उत्सव का आयोजन शुक्रवार को किया। इस मौके पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। यह उत्सव 28 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक ऐतिहासिक रिज ग्राउंड, पदम देव कॉम्प्लेक्स शिमला में चलेगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा हमारी सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। इस तरह के उत्सवों का आयोजन हमारे पारम्परिक उत्पादों को बाजार मुहैया करवाता है। हम शिमला में कुछ दुकानें चिन्हित करने जा रहे है जहां पर स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाए गए उत्पादों की विक्री की जाएगी। यहां साल भर निरंतर स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों को बेच पाएंगे। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को प्रदेश भर के उत्पाद एक ही जगह मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का बजट भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह, महिला मंडल आदि को स्वरोजगार के साधनों को विकसित करने में निरंतर कार्य करना चाहिए। हमारी सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि "सांझा उत्सव" का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और स्ट्रीट वेंडर्स को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित करने और बेचने का एक मंच प्रदान करना है। साथ ही, शहरी गरीब परिवारों के उत्पादों को बढ़ावा देने और विपणन करने का अवसर देना है। इस उत्सव के माध्यम से शहरी गरीबों के स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों को एक मंच मिलेगा, जिससे वे अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच बना सकेंगे और ग्राहकों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह और क्षेत्र आधारित संगठन भाग ले रहे है। शहरी निकायों के स्वयं सहायता समूह, क्षेत्र आधारित संगठन और देश के कुछ अन्य राज्यों जैसे मेघालय, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व चंडीगढ़ आदि राज्यों के स्वयं सहायता समूह भी भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल शहरी गरीबों के लिए एक आर्थिक अवसर है, बल्कि आम जनता के लिए भी पारंपरिक हिमाचली हस्तकला और हिमाचली पारंपरिक व्यंजन का अनुभव करने का शानदार मौका है। इस मौके पर निदेशक शहरी नीरज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा शहरी गरीबों के लिए नया मिशन लॉन्च किया गया है, जिसमें देश के 25 शहरों को पायलट सिटी के रूप में चयनित किया गया है, और हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर को चुना गया है। यह मिशन शहरी गरीबों की आजीविका को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाया गया गया है।नए गरीबी उन्मूलन मिशन में गिग श्रमिक, परिवहन श्रमिक, देखभाल श्रमिक,घरेलू श्रमिक,कचरा श्रमिक, निर्माण श्रमिक पर कार्य किया जा रहा है। शहरी आजीविका और क्रियावली योजना (CLAP) सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए तैयार की जाएगी। City Livelihood and Action Plan (CLAP) का उद्देश्य इन श्रमिकों को बेहतर रोजगार, सुरक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
यह मिशन इन श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि दीन दयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) में अब तक कुल 4955 SHGs, 272 ALFs , और 42 CLFs का गठन हुआ है। प्रदेश में 9359 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 7095 प्रमाणित हुए और 3881 को रोजगार प्राप्त हुआ। स्व-रोजगार कार्यक्रम के तहत 3985 व्यक्तियों को 4693.27 लाख रुपए के ऋण प्रदान किए गए। इसके अलावा 17 समूह को 105.2 लाख रुपए के ऋण दिए गए। अब तक 1379 SHGs को बैंक लिंकेज़िंग के माध्यम से 4059.27 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया गया। इस मौके पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा , मेयर नगर निगम शिमला सुरेन्द्र चौहान, डिप्टी मेयर उमा कौशल, आयुक्त नगर निगम भूपेंद्र अत्री, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित पार्षद गण भी मौजूद रहे।