हिमाचल सरकार ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करने का प्रस्ताव जारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करने का प्रस्ताव जारी किया है। इस संबंध में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास और पर्यटन व्यवसाय पंजीकरण नियम, 2012 में बदलाव को लेकर एक अधिसूचना जारी
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 31-01-2026
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करने का प्रस्ताव जारी किया है। इस संबंध में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास और पर्यटन व्यवसाय पंजीकरण नियम, 2012 में बदलाव को लेकर एक अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के तहत कोई भी व्यक्ति यदि इन नियमों से प्रभावित होता है, तो वह अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 15 दिन के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक को भेज सकता है। अधिसूचना में कहा गया है कि प्राप्त सुझावों पर अंतिम निर्णय से पहले सरकार विचार करेगी।
नियमों का नया नाम और लागू होने की तिथि गजट में प्रकाशित होते ही प्रभावी होंगे। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार इन नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास और पर्यटन व्यवसाय पंजीकरण (संशोधन) नियम, 2025 होगा। ये नियम हिमाचल प्रदेश राजपत्र (ई-गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि संशोधन के तहत नियम 4 में बदलाव किया गया है।
इसके अनुसार अब पंजीकरण शुल्क नकद या डिमांड ड्राफ्ट के बजाय ई-सर्विस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी। प्रावधानों के अनुसार पर्यटन इकाइयों से संबंधित शुल्क अब कमरों की संख्या और एक दिन के वास्तविक किराए के प्रतिशत के आधार पर तय किया जाएगा।
इससे होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे जैसी इकाइयों के लिए शुल्क व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी। अधिसूचना के तहत सरकार ने नियम 5 में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। पहले जहां पंजीकरण प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण हर तीन वर्ष में किया जाता था, अब इसे बदलकर हर दो वर्ष कर दिया गया है।
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