लेह हिंसा मामले में गिरफ्तार 26 लोगों को कोर्ट से मिली राहत , अदालत ने दी अंतरिम जमानत

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हाल में हुयी हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए बिहार के दो प्रवासियों सहित 26 लोगों को लेह की एक स्थानीय अदालत ने अंतरिम ज़मानत दे दी है। गौरतलब है कि अधिक स्वायत्तता और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया था। प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गयी और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में भूख हड़ताल के 15वें दिन यह झड़पें हुई थी

Oct 2, 2025 - 18:19
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लेह हिंसा मामले में गिरफ्तार 26 लोगों को कोर्ट से मिली राहत , अदालत ने दी अंतरिम जमानत
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न्यूज़ एजेंसी - श्रीनगर  02-10-2025
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हाल में हुयी हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए गए बिहार के दो प्रवासियों सहित 26 लोगों को लेह की एक स्थानीय अदालत ने अंतरिम ज़मानत दे दी है। गौरतलब है कि अधिक स्वायत्तता और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर लेह में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया था। प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गयी और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में भूख हड़ताल के 15वें दिन यह झड़पें हुई थी। 
वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज कर उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल भेज दिया गया था जिन्हें अदालत ने कल जमानत दे दी। लेह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद शफी लस्सू ने कहा कि अदालत ने 26 लोगों को अंतरिम जमानत दे दी है। उन्होंने यूनीवार्ता को बताया कि हमने हिरासत में लिए गए 40 लोगों के लिए जमानत याचिका दायर की थी। उनमें से 26 को अंतरिम जमानत मिल गई है और आज उनके रिहा होने की उम्मीद है, क्योंकि अदालत का आदेश देर शाम जारी किया गया। 
अदालत ने रिहा किए गए लोगों को चार अक्टूबर को फिर से पेश होने का निर्देश दिया है। उधर, लेह में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है और कल कर्फ्यू में ढील आठ घंटे तक बढ़ा दी गयी थी। वहीं शीर्ष निकाय एलएबी और पिछले चार सालों से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने कहा है कि जब तक लद्दाख में सामान्य जनजीवन बहाल नहीं हो जाता और हिरासत में लिये गए लोगों को रिहा नहीं कर दिया जाता है तब तक गृह मंत्रालय से वार्ता नहीं की जायेगी।

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